जीये जब मान से (jiye jab maan se)


 

जीये जब मान से।


बिन गलती के सुन लिया,

काम जो दिया कर लिया।

अपने हित को छोङ दिया,

कर्म पथ को जो जिया।

जीये जब मान से तो,

सम्मान को चुन लिया।

किया कुछ गलत नहीं,

फिर भी गलत सुन लिया।

जीये जब मान से तो,

मन को मार जीया।

किया जो वक्त  का किया,

खुद को खुला छोङ दिया।

फैसला अब समय करेगा,

समय ही जब भाग्य हुआ।

जीये जब मान से तो, 

सब भूल गया।।


-कविता रानी।



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

नव वर्ष- उमंग मिले / Nav varsh- umang mile

झुठी यारियाँ | Jhuthi yariyan

तुम याद आते हो। (tum yad ate ho )