इस होली तुम जरूर आना / Is holy tum jarur ana
Holi par jarur ana - click here to see video इस होली तुम जरूर आना कितने बरस बीत गये । तुम ना आये होली खेलने को । सारे रंग सुख गये, तुम ना आये मनाने को । आयी होली फिर से देखो, रंग परवान चढ़ गये ।। कितनी शिकायते है कहने को । बैठा है मन मनुहार सुनने को । सब भूल जाता हूँ मैं, तुम भी भूल जाना । इस होली मेरे साथ, होली खैलने तुम जरूर आना ।। प्रकृति बहार लाऊं मैं । खुशियां रंग लाना तुम । बातें हजार सुनाऊं मैं। सतरंगी कर जाना तुम ।। रूठा रहूँ कितना ही मैं । आकर मुझे मनाना तुम । बहाने आये हजार रोकने को । पर इस होली जरूर आना तुम ।। रंग लाना मुस्कान लिये । गुलाल लाना सुकून लिये । मिश्री घुली शरबतें पिलाना । नजरों से नजारे सजाना ।। देखूं ना जो तेरी ओर मैं । आज आवाज देकर जरूर बुलाना । मानूं ना जो बात तो, जोरी से चिढ़ ही जाना । मनुहार करूं तुमसे मैं, इस होली तुम जरूर आना ।। Kavitarani1