संदेश

मकर संक्रान्ति पर लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मकर संक्रान्ति पर

चित्र
मकर संक्राति पर - विडिओ देखे   मकर संक्रान्ति पर  उड़ रही पतंगे सब ओर  । संगीत का शौर है हर छत पर । झूम रहे लोग हर ओर । खुश लग रहे सब मकर संक्रान्ति पर  ।। मैं बैठ दूर अपने गाँव से । देख रहा पतंगे अपनी  छत से । गुन रहा संगीत एक धुन से । याद कर रहा बचपन गाँव मन से ।। काश मैं भी पतंग बन जाऊँ । ऊडूँ मस्त हवा में और गोते खाऊँ । डोर कोई काटे ना इतना साहस कमाऊँ । जो झेड़े मुझे उसकी पंतग काट गिराऊँ ।। शौर करूँ अपनी मस्ती में  । झूमूँ अपनी जीत की खुशी में  । डील दूँ अपनी पतंग को खुले आसमां में  । आजाद फिरूँ में ऊँचाईयों में  ।। धूप का डर ना ठण्डी हवाओं का । दुपहर की परवाह ना सांझ की । तिल , मोतीचूर के लड्डू खाते हैं । मस्ती से छत पर पतंग उड़ते और खैलते है । मकर संक्रांति पर ।। Kavitarani1  93