संदेश

क्या है ये लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

क्या है ये | Kya hai ye

चित्र
क्या है ये  हाँ शुरूआत में सब अच्छा था । अजनबी से शुरू हुए और फिर तु मेरा बच्चा था । तब मैं थोड़ा कच्चा था-था जो भी पर सब अच्छा था । तु भी समझती थी बात मेरी-मेरी भी आदत ना थी, ना चेप तेरी । थोड़ा-थोड़ा मैंने शुरूआत की और तुने बात की । दात देनी पड़ेगी क्या शानदार शुरुआत थी ।। मेरा था अकेलापन-रखता था अपनापन । पर तुने थे खैल-खैले मेरे जैसे रखे थे जाने कितने चैले । छैले से हम बन छबीले, बातें करने लगे जैसे रहते साथ-साथ खैले । कुछ दिन-महीने हुए और बातों के भी बखैरे हुए । हुई बात-बात पर मुलाकात पर कभी साथ ना मिले । दुर से ही आँखों के तार मिले-मिले ना हम । मिले ना हम-ना सच वाली मुलाकात हुई । कहती रही तुम लड़की हो, पर लड़की जैसी कोई बात ना हुई । हाँ यहाँ से सब बदला हुआ, जिद बड़ी मिलने की, और तुम थी अड़ी-अड़ी से फिर पड़ी पर हुई । बातें आगे बढ़ी और-और जिद बड़ी । क्या है ये, कैसे समझाऊँ । अपनी बात को कैसे मनाऊँ । कैसे समझाऊँ, क्या है ये ।। Kavitarani1  22 6