आदिवासी / aadivasi
आदिवासी जन, जल जंगल, जमीन के रखवाले। हम आदिवासी प्रकृति के रखवाले।। अपनी जान तक लगा देते हैं, प्रकृति को सब न्योछावर करते हैं। हम वन के वासी हलवाले, जन, जल, जंगल, जमीन के रखवाले हैं।। आधुनिकता के परिचारक, चालक हम देश के रखवाले। जीव हित, परम्पराओं के ग्वाले, हम जंगल जमीन के रखवाले।। ना बैर किसी से, ना बैरी सहते हैं। हम मरते दम तक लङते हैं। हमारी बोली, संस्कृति अनमोल, हम इसे संजोये हैं। नव परिवर्तन की लहर में हम नहीं खोये हैं।। पढ़ लिख कर हमनें समाज को जाना है। अपने वजुद को दुनिया के सामने रख पर्यावरण संरक्षण क्या है बताया है। जो अनुसरण करें हमें तो प्रदुषण मुक्त धरती कर दें। हम आधुनिकता के साथ जीव जगत खुशहाल कर दें।। मान्यताओं से बंधे हम, सुधार को गले लगाते आये हैं। भारत के हम मुल निवासी बस सहते और सिखते आये हैं। अपने हक को छिनना आता, पर ना बैर फिर भी किसी से करते हैं। जन, जल, जंगल, जमीन के रखवाले, हम सम्मान से जीते हैं।। आदिकाल से जुङे, कई युगों को पाला है। तीर-धनुष-कमान संभाल कितनों को धो डाला है। रण बांकुरे हमें पुजते, वीरता के पर्यायी हम आज भी। जन, जल, जंगल, जमीन को सुरक्षा दे...