notion press par book 'santvna'
समर्पण- यह पुस्तक एक कविता संग्रह के रुप में हैं जिसे मेरे और मेरे पति रविकांतचीता जी के द्वारा तैय्यार किया गया है। इसमें कविताओं को चुन कर मन को सांत्वना देने वाले भाव के रुप में संग्रहित करने का काम किया गया है। ये कविताएँ आपको निश्चित ही शाँति देने का कार्य करेगी। प्रस्तावना- मन हो या तन हो सांत्वना सब की एक जरुरत है, बिना सांत्वना के शांति मिलना मुश्किल है और बिना शांति के सुकुन मिलना नामुनकिन है। हमारी इस पुस्तक में हमनें मन की सांत्वना के लिए ही कार्य किया है। यहां केवल उन्हीं कविताओं को शामिल किया गया है जो सांत्वना दे। मेरे जीवन साथी की प्रेरणा और सहयोग के बिना मेरे जीवन में भी कोई सांत्वना नहीं है। आशा करते है आपको हमारी ये कविताएँ पसंद आयेगी। भुमिका- कविताएँ मन के मार्ग से होकर जाती है यही कारण है कि कविताएँ दिल को छुती है। हमारी कविताओं में ग्रामीण परिपेक्ष के साथ, साफ मन की अनूभुति पाठकों को आनंदित करेगी। ये कविताएँ जीवन के सत्य को भी उजागर करती है। ये हमें हमारे गहरे दुख से मिलाने के साथ ही हमें उस गम को महसुस करने पर मजबुर कर देती है। जैसे ही आप इन्हें पढ़ेंगे आपको ये आप...