बात पुरानी, यादें / baat purani aur yadein
बात पुरानी, यादें शादी, पार्टी हो या कोई त्योहार, करें और मनायें अपना त्योहार। मौज करें मस्ती करें और करें दुसरों से सदव्यवहार। देंखे नयनों में गौरी के और करें पल भर में उससे प्यार। दोस्त के साथ रहे उसके मन में भी वो रहे कहे वो अपना यार। दिन बीता रात गई फिर ना वो रही रहा बस उसका इंतजार। बीते दिन की बात कह कर फिर करें नयी का इंतजार। दोस्त कहे और जग कहे की ये सब है बेकार। नयन रहे भंवरा बन चुसे रस हजार। बात पते की मैं कहूँ जीना है जग में तो होता रहेगा प्यार। कब तक अकेले जग में रह पाओगे मेरे यार। मौज करो-करो नयन मटक्के तो क्या ना मिल पाए प्यार। जो मिले पल मजा लो और करो अपनी वाली का इंतजार। पर दिल पर जो इसे है लेता वो हो जाता दग में बेकार। फिर जग काम का उसके फिर ना वो जग के आये किसी काम। इसीलिए प्यार में ढुबो मत नहीं तो हो जाओगे लाचार। बस मौज करो मस्ती करो रहो हर पल बिंदास। दिल टुटे ना किसी का ना हो अपना कोई नुकसान। बात पते की ये है दुर रहो इस सब से तभी है मजे की बात।। -कवितारानी।