तुझे परवाह नहीं | Tujhe parvah nhi
तुझे परवाह नहीं सुन ! कहता है क्या दिल । ख़्वाहिशों का जहान दिखाऊँ तुझे । आ पास बैठ मेरे, सपनों का महल दिखाऊँ तुझे, ज्यादा कुछ पास नहीं, पाया है क्या-क्या खोया, सुनाऊँ तुझे । हाँ, पता है मुझे, मुझे नहीं आता रिझाना तुझे, ना बातें प्यारी, ना प्यार जताना आता मुझे, तुझे परवाह नहीं, नहीं पता मुझे। चल छोड़ इसे; कुछ और सुनाऊँ तुझे । अपनी मैंने खुब कही, चल सुना अब सुन लू तुझे । क्या चल रहा लाइफ में, कुछ अपने अंदाज में बताओ मुझे, हाँ मुझे परवाह है तेरी, तुझे परवाह नही मेरी, इसे छोड़ साथ लम्हे और बताऊँ तुम्हें ।। Kavitarani1 258