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प्रीत तुझसे / Preet tujhse

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Click here to see video - love you   प्रीत तुझसे मन मेरा, मन मेरा, लगता नहीं किसी ओर से,  लगी है - लगी जो, प्रीत मेरी तुझसे ।  होता नहीं जोर कहीं,  जाता नहीं ओर ये, मन को मेरी लगी जो, प्रीत तुझसे । बस नहीं मेरा कोई,  कोई नहीं प्रीत में,  जाऊँ कहाँ, जाऊँ करूँ प्रीत में,  लगी जो प्रीत मेरी तुझसे । बंधन ये प्रेम का, जोड़े ना जुङे झुठ से, लगी धुन मन की तुझसे । मन मेरा माने ना, ना दिल्लगी हुई किसी ओर से,  लगी जो प्रीत मेरी तुझसे । टुटे ना टूटे ये, जुड़ी ऐसी जोड़ से, लगी मुझे प्रीत तुझसे, लगी प्रीत तुझसे । लगी मुझे प्रीत तुझसे  ।। Kavitarani1  165