नया जमाना है / naya jamana hahi
नया जमाना है ये होङ का जमाना है, ये दौङ का जमाना है। आगे बढ़ने उठने पढ़ने, ये प्रगति मोढ़ का जमाना है। दिखावे के साथी आते, गाते मन से मन बहकाते। लाते सपने बनते अपने, ये दिखावे का जमाना है। ये आजमाने का जमाना है, स्वार्थ ही सब माना है। सिध्द अपने काम ही, मिलने का ये बहाना है। ये निज का बहाना है, हर मोङ पर गाना है। आगे बढ़ने को दुसरे को गिराने का जमाना है। हित का बहाना है, ये नजदिक ही आना है। प्रेम पथ सब गाते आते, मन को समझाना है। ये लत का माना है, ये निज का जमाना है। ये होङ का जमाना है, ये दौङ का जमाना है। आगे बढ़ते स्वार्थ रोह पे, ये होङ मोङ का जमाना है।। -कवितारानी।