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मुरख मारो काम अटकायो / Murakh mharo kaam atakayo

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मुर्ख मारो काम अटकाव- वीडियो देखे मुरख मारो काम अटकायो शर्म लाज उ बेंच खायो । अपना पद पर बड़ो इतरायो । काम स फेली जो बढ़ाइयाँ गातो । आगे बढ़ने की सिख देतो । काम जो थोडो सो उस आयो । दंभ भर उ घमंड बतायो । बेवजह की हुंकार करी । बेमतलब लाज उकी गिरी । अतना दन स ज्यो व्यवहार बनायो। उ घमंडी न मद म एक पल म गंवायो । गुस्सा म मने मुहँ फेर्यो । अपना आत्मसम्मान रख सामन्। दुर स बात सैर बात बताई । काम होनो ह सरकारी ह सही ह । इन इको मान घटायो । छोटो मह, लाज को बक्यो । पुछी किन तो कह बैठ्यो । कागज क पुछड मुह बनायो । समझ मुर्ख जग की मुरख मतवालो । सरकारी काम कागज का फुछङ । सभी लोग ही उकी समझ आई । पर जो उतर गई लोई । तो खई करगा कोई, याँ मन्ह भी सार्थक पायो । मुरख म्हारो काम अटकायो ।। Kavitarani1  32