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kuchh to hindi poem by Kavitarani1 लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कुछ तो | kuchh to

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Click here to see video - kuchh to bat hai   कुछ तो... सब ठीक चल रहा होता है, कुछ जमने वाला होता है, आगे बढ़ने को होंसला आता है,  शांत मन सपने पूरे करने को जाता है,  सुकून की तलाश होती है,  सब कुछ बदलने वाला है लगता है; कि सब धरा रह जाता है। सब पड़ा रह जाता है,  सब बिगड़ जाता है,  सब छुट जाता है । आखिर क्यों हुआ ये ? क्या कमी रही गई ? क्या बात हो गई ? कुछ तो बात है,  फिर लगता है,  कुछ तो बात है ।। Kavitarani1  73