जिन्दगी हस कर जीनी है | Zindagi has kar jeeni hai
जिंदगी हस कर जीनी है- वीडियो देखे यह कविता हमें जीवन के सबसे बुरे दौर में से कैसे निकले उसके लिए प्रेरित करती है, हमें पता है कि जीवन सुख और दुख का झरना है जिसमें कभी सुख आता है तो कभी दुख, हमें इन दोनों ही परिस्थितियों में एक सा बना रहना है, और जिन्दगी हॅस कर जीनी है। जिन्दगी हँस कर जीनी है अपनी कमियों पर जीत पानी है। जो नहीं है वश में वही वश में लानी है। अपनी परेशानियों को जीतना है। जिन्दगी को हँस कर जीना है। कौन साथ है, कौन नहीं। जिन्दगी की दौड़ रोकनी नहीं। मंजिल का पड़ाव बनाना है। आगे बढ़ते जाना है। अपनी कमियों पर जीत करनी है। जो नहीं है वश में वही वश में करनी है। आधी कटी है जो घूट घूट कर। अब आगे अपनी मर्जी से जीनी है। जिन्दगी अपनी शर्तो पर जीनी है। नहीं बनाई कोई शर्त तो भी, कोशिश यही की हँस कर जीनी है। जिन्दगी हँस कर जीनी है। Kavitarani1