दूर रहने दो, Dur rahne do
DOOR RAHNE DO- CLICK HERE TO SEE VIDEO दूर रहने दो फुल खिले बिना महक नहीं होती, सुगंध बिना भंवरे नहीं आते । पथ बिना पथिक भटकता है, मंजिल के बिना राह अधूरी है । चाँद बिना चाँदनी नहीं दिखती, सुरज बिना रोशनी नहीं दिखती । कुछ तो कारण होता है किसी के साथ होने का, यूँ ही नजदीकियाँ नहीं होती । पास रहे बिना या सुने बिना, कोई आदत नहीं बना करती । रह गई दूरी तो अच्छा है, बात बिना बने बिगड़ी तो अच्छा है । अच्छा है कुछ खास नहीं रहा, छोड़कर फिर अब कुछ पास ना रहा । ना रही कोई याद ना अहसास, तो आदत को मिट जाने दो । अभी हुई नहीं थी जो मेरी, उसे दूर रहने दो ।। Kavitarani1 151