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तेरे से खुब रही / Tere se khub rahi

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Click here to see video तेरे से खुब रही  तेरी भी खुब रही । आके रही पास मेरे, पर एक बात ना हुई । मुस्कुराई देख मुझे, पर फिर नजरें एक ना हुई । पड़ोसन लाजवाब मिली । पर पड़ती ना हुई । तेरे से भी खुब रही ।। बातें चार काम की ही कर लेते । मुलाकातें  आम ही कर लेते । देख लेते हॅसकर एक-दुजे को । पर रिश्ते की बात से दूर होते । जाने क्या तेरे साथ हुई । अकड़ में जो तू रही । शुरूवात ना मुझसे हुई । ऐसे अपनी खुब रही ।। दूर बैठ कभी मैंने देखा । तू कहीं बातों में खोई रही । बातें कुछ आम हुई । कभी घर वालों से तो । कभी मोहल्ले वालों से हुई । हमने तो दुजी हाथ सुनी । कुछ मन की मन में रही । ऐसे अजनबी से शुरूवात हुई  । अजनबी से ही खत्म हुई  । तेरे से भी खुब रही ।। Kavitarani1  220