ना मिलना / na milna
ना मिलना वो प्रित ना मिलना मुझसे, वो शीत ना मिलना मुझसे। जो टिस जगाये मन में, जो दर्द भर जाये तन में। वो रीत ना मिलना मुझसे, वो मीत ना मिलना मुझसे। जो रात जगाये वर्ण से, जो नींद भगाये नैन से। वो जीद ना मिलना मुझसे, वो हठ ना करना मुझसे। जो छल कर जाये पल में, जो भ्रम भर जाये जीवन में। वो हल ना मिलना मुझसे. वो पल ना मिलना मुझसे। जो प्रश्न भर जाये मन में, जो जीवन तर जाये क्षण में। वो जीत ना मिलना मुझसे, वो खुशी ना मिलना मुझसे। जो सुकून ना भर पाये तन में, जो दिल ना भर पाये मन में।। -कवितारानी।