Sab bematalab (बेमतलब ) hindipoetry


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 बेमतलब 


रोज़ का उठना , नहाना ,काम पर जाना।

समय पर सब कुछ करते रहना।

लगता है कुछ तो है मतलब। ।

जब कुछ हाथ आता हैं कुछ साथ जाता है। 

पर जब बैठ अकेले जीवन की बात करता हूँ। 

जीवन के बाद की सोचता हूँ। 

लगता हैं, सब है बेमतलब। ।

रोज सबसे मिलना, बातें करना। 

काम पड़े तो कहना, 

काम ना पड़े तो भी साथ रहना। 

सब लगता जैसे है मतबल। 

जब छोड़ साथ,अकेले पड़ता है रहना।

दूर रहकर याद ना करना । 

लगता है काटा था समय बस।

लगता है सब बेमतलब। 

सब बेमतलब।।


- kavitarani1

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