हे कृष्ण मेरे तुम आ जाना


 हे कृष्ण मेरे तुम आ जाना


राह से मन भटकता जाये,

लक्ष्य औझल होता जाये,

सपनों में मंजिल आती जाये,

नींद रात को आना पाये,

बैचेन हिया को समझा जाना,

हे पथिक पुराने, गुरुवर मेरे बन जाना,

हे कृष्ण मेरे आ जाना।


साथी छल करते जाये,

झूठ से जग भरता जाये,

सत्य की हानि बढ़ती जाये,

असत्य दंभ भरता जाये,

सन्मार्ग पर लोगो को ले आना,

हे कृष्ण मेरे आ जाना, 

हे कृष्ण मेरे आ जाना। 


अनाथ सा लगने लगे,

जग से मोह छुटने लगे,

लगे कहीं जीया ना जो,

मन मेरा लगा जाना,

भक्ति के रस में खो जाये,

ऐसा कर जाना,

 है कृष्ण मेरे आ जाना, 

हे कृष्ण मेरे आ जाना।।


Kavitarani1 

69


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अरी तुम भूल गई, Ari tum bhul gyi

मैं...कब / Main kab

जैसे तुम वैसे मैं / Jaise tum vaise main