जो मर चुके है | jo mar chuke hain



जो मर चुके हैं - विडिओ देखें

जो मर चुके है 


सोंचना जिनका बंद हो चुका।

अंदर से जले पड़ है जो।

जिनको फर्क नहीं पड़ता मेरे होने से।

जो मर चुके है पूरी तरह से वो।।


कैसे समझाऊँ उन्हें जिनमें दिल नहीं अब।

भाव खो चुके है जो, कैसे मनाऊं उन्हें मैं। 

मेरी खुशी छिन कर हॅसने की कहते।

मेरी बहती आखों से जिन्हें फ़र्क नहीं पडता।।


जो मर चुके मेरे लिये कब के, 

कैसे जिन्दा देख पाऊँ मैं। 

कैसे अपनी बात समझाऊँ मैं।

जो मर चुके मेरे लिए,

उन्हें क्या ही बताऊँ मैं।।


Kavitarani1 

94

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

झुठी यारियाँ | Jhuthi yariyan

नव वर्ष- उमंग मिले / Nav varsh- umang mile

मैं राही बन चलता हूँ | Main Rahi Ban Chalta hun