तुम्ही मेरा रोज़ हो, tumhi mera rose ho


Tumhi mera rose 🌹 ho : video dekhe


 तुम्ही मेरा रोज़ हो 


महक जाता हूँ तुम्हारे पास होने से,

खिल जाता हूँ तुम्हारे पास होने से, 

अभी कलि ही हूँ मैं,

तुम्हें देख फुल बन जाता हूँ मैं ।

ये मौसम मुझे झकझोर देते हैं,

गर्मीयाँ सुखाना चाहती है तो,

सर्दियाँ सर्दी से जलाना चाहती है,

पर देखता हूँ जब तुम्हें,

या जब तुम पास होती हो,

जान आ जाती है मुझमें फिर,

फिर से ताजगी छा जाती है ।

खिलता है जय देख मुझे,

जैसे मैं खिलता हूँ देख तुम्हें,

मैं गुलाब बन जाता हूँ,

जब तुम्ही मेरा रोज हो ।

मैं जिंक्र करता हूँ अपनी बगीया की,

मैं फिक्र करता हूँ फूलों की,

पर फुल सबसे प्यारा गुलाब लगता है,

और तुम्ही तो पता ही है,

तुम्ही मेरा रोज हो ।।


Kavitarani1 

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