ऐसे तो | Aise To



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मन और तन के बीच के संघर्ष में जब जीद मन करे कि लक्ष्य बिना जीवन कुछ नहीं तो मन से बस आवाज आती है, ऐसे तो जीया जायेगा ना।

ऐसे तो


ऐसे तो जीया जायेगा ना,

ना ही बुलन्दियाँ मिलेगी कहीं ।


रोज खुद को समझाना पड़ेगा,

और खुद से लड़ना होगा फिर ।


सपना संजोया है मेहनत करनी पड़ेगी, 

रुकावटों को दरकिनार करना होगा ।


जीना है शान से तो खुद को,

और दुनिया को नाराज करना होगा ।


मन मारना पड़ेगा कई बार को,

कई बार घूटना भी पड़ेगा ।


हार भी मिलेगी हर बार को,

और चोट भी मिलेगी कई बार को ।


तभी अनुभव बताया जायेगा,

कहानियाँ तभी बनेगी ना ।


ऐसे तो रह जायेगा किस्सा,

गुमनाम पन्नों का बना हिस्सा ।


खाली तस्सली से तो पुछा जायेगा ना,

ऐसी तो जीया जायेगा ना ।।


Kavitarani1 

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