जाना है / Jana hai



Click here to see video

जाना है 


जैसे चलता रवि सुबह को पूरब से,

और जाता है दिन ढलने पर पश्चिम ये,

वैसे मेरा सफर शुरू होने को है ।

पूरब से पश्चिम रवि जाने को है  ।


अब कल तक की बात है ,

रात काटनी है यही बात है,

जाना है कर्म भूमि को निरंतर चलते हुए, 

पूरब से पश्चिम जाने को है ।


 Kavitarani1 

237

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

नव वर्ष- उमंग मिले / Nav varsh- umang mile

झुठी यारियाँ | Jhuthi yariyan

तुम याद आते हो। (tum yad ate ho )