हवायें बहने लगी है / havayen bahane lagi hai



हवायें बहने लगी है

हवाएँ बहने लगी है।
लगता मौसम करवट ले रहा है।
अजब सी खमौशी छाने लगी।
लगता है बरसात होने वाली है।
बादल कम है आसमान पर।
मौसम जाने कैसे सता रहा है।
हाल ऐ दिल मुश्किल है समझना।
अहसास बदलने लगा है।
कोई आके हाल पुछ ले बस।
बैठे पास मन की सुन ले बस।
कहता रहुँ शाम तक अपनी ही।
कोई आके समझ ले बस।
आज रोना नहीं, पर शीत भी नहीं है।
गर्मी का आलम नहीं ना शीत गई है।
जाने कैसे इस मौसम ने करवट ली है।
हवाएँ बहने लगी है।।

-कवितारानी।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

नव वर्ष- उमंग मिले / Nav varsh- umang mile

झुठी यारियाँ | Jhuthi yariyan

तुम याद आते हो। (tum yad ate ho )