मन की ठेस / man ki thes



मन की ठेस


भीङ-भाङ,

ताङ-ताङ,

बार-बार,

लगातार,

बिना सार,

हार-हार,

मार-मार,

मनका सार,

हुआ तार-तार,

छोर कहीं,

नहीं ठोर कहीं,

अहसास नहीं,

मन में बात नहीं,

चल रहा,

बार-बार,

हर बार,

उठ खङा हुआ,

यहीं पङा हुआ,

इस बार,

कभी उस बार,

बिना सार,

मैं कह रहा,

मन की लैस,

मन की ठेस,

मन की ठेस,

मन की ठेस।।


-कवितारानी।


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