बाल मनुहार / bal manuhar

 बाल मनुहार


नटखट नादान रंग रहता हर वार।

स्कुल जाते पाते रहते हम बाल मनुहार।

बात वात हमेशा होती, कुछ ही बस सार।

हाथ दात मधुर साथ मेरा बाल मनुहार।

कभी मंद-मंद, कभी रन्ध्र-रन्ध्र होती धार।

मन उल्लास, तन आलास पर चलती रहती बाल मनुहार।

पास रहे मेरे साथ रहे हमेशा सबका प्यार।

मन भरु खुलकर जिऊ मिला जो भी बालल मनुहार।

कसौटी समय रोकता रहता करता मुझसे लार।

कर हुलार अपने अनुसार जीता में बाल मनुहार।

कौन कपट मन कहता भरता आह हर बार।

बिछुङन की आहट होये जो बाल मनुहार।

बाल मनुहार उल्लास हर बार।

प्यार हर बार बाल मनुहार।।


-कवितारानी।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अरी तुम भूल गई, Ari tum bhul gyi

मैं...कब / Main kab

जैसे तुम वैसे मैं / Jaise tum vaise main