हाँ मैनें प्यार किया / ha mene pyar kiya

हाँ मैनें प्यार किया


हाँ मैंने प्यार किया तेरा इंतजार किया।

हर पल तुझको याद किया तेरा एतबार किया।

हाँ मैंने प्यार किया तुझको अपना मान लिया।

जाने कब से ये हुआ मेरा तो चैन गया जब से ये हुआ।

जीने की उम्मीद छोङ दी हर पल तेरी याद थी।

एक पल देखने को मेरी हर उम्मीद थी।

आँखो को तेरा इंतजार था दिल तो बङा बेकरार था।

मुझको हर वक्त तेरा इंतजार था जब से ये प्यार था।

कहने को ये बेकरार था पर जाने ये क्या हुआ।

हर बार मुँह ना खुला और दिल बैठ गया।

जब तुम आये सामने मैं तो खुद में ना रहा।

अरे मुझे ये क्या हुआ तुझे खोने का डर रहा।

पर मैंने तुझे खो दिया भुला पर भुला ना सका।

हर बार तु ही याद रहा हाँ मैंने भी प्यार किया है।

पता है तुम भी प्यार में हो परये तो संसार है।

तुम ना कहोगे मुझे मैं ना कह सका तुझे क्या यही प्यार है।

पर अब भी मुझे तेरा इंतजार है हाँ मुझे तो प्यार है।

ख्वाब के पुल मैंने बनाये है सपनों का महल सजाया है।

पर ये एक सपना है पर यही तो मेरा अपना है।

इन सपनों के सहारे ही मैं कह सकता हूँ।

हाँ मैंने प्यार किया बस तेरा इंतजार किया।

हाँ हर बार बस तुझे याद किया बस तेरा एतबार किया।।


-कवितारानी। 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अरी तुम भूल गई, Ari tum bhul gyi

मैं...कब / Main kab

वैचारिक मतभेद / vecharik matabhed