जब तुम मिले



 जब तुम मिले

दुख पुराने कल की बात बने।
सारे रिश्ते नाते दूर हुए।
जब तुम मिले सब नया सा लगा।
जब तुम मिले रास्ते नये मिले।।

और क्या मांगू ईश्वर से में।
घर, नौकरी और तुम ही तो थे ख्वाहिशों में।
क्या ही जरुरत और करने की।
जब तुम हो साथ में।।

अब नयी बात है।
नये जज्बात है।
नये ख्वाब है।
जब हम साथ है।।

मैं कल को याद नहीं करता।
जो मिला नहीं उसकी बात नहीं करता।
मैं सब पिछे छोङ आया।
जब तुम मिले तब से ये मोङ आया।।

- कविता रानी।

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