दोस्त वही, Lovely friendship


 

दोस्त वही


जो बिन कहे बात समझ ले।

दिल में उठे रह जज्बात समझ ले।

कहने से पहले ही अपना हाथ दे।

विश्वास कभी टुटने ना दे।

परेशानी से कभी झूझने ना दे।

खुशियों में जो साथ झूमें।

मन पङे तब साथ घूमें।

जो दिन की रह बात कहे।

हो परेशानी तो साथ लङे।

नई ऊँचाईयों पर साथ चङे।

दोस्त वही जो प्यार बिना प्यारा रहे।

दोस्त वही जो मोह बिना मोह करे।

दोस्त वही जो मन पङे तब लङे।

दोस्त वही जो मन पङे वो कहे।

दोस्त वही जिससे नाराज ना रह सके।

दोस्त वही जिसे मना सके।

हाँ दोस्त वही जो मुझसा हो।

दोस्त वही जो मनका हो।।


- कविता रानी।

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