आसान नहीं




 आसान नहीं 


पथ पर चलना अपने मन से। 

रथ रहना अपने आप में। 

कर्म को ही धर्म बना लेना।

आसान नहीं है यह कह लेना।।


करना है जो काम भारी है। 

मन को समझाना भारी है। 

हर बार यह कह देना है मेरी बारी।

आसान नहीं है चुनौतियाँ सारी।।


मैं तन के सारे बोझ सहता हूँ। 

सक्षम हूँ सक्षमता कहता हूँ। 

अक्षम्य काम से करना यारी ।

आसान नहीं ये बात सारी।।


मन के मौज में रोज रहता।

तन के ओज में भोगी रहना।

एक लय का होते रहना।

आसान नहीं यूँ जिंदगी सहना।।


है आसान समायोजन कर लेना ।

हे पथिक अडिग ना हमेशा रहना।

कहना बस इतना है मुझे तुमसे।

आसान नहीं जीवन में हमेशा खुश रहना।।


- कवितारानी।

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