ये मेरा विद्यालय है / ye mera vidhyalay hai




मेरा विद्यालय है


सबका विद्यालय अलग है,
हमारा सबसे प्यारा है,
यहाँ अर्जुन जी के कंधों पर कमान है,
दिनेश जी उनकी छाया है,
प्रवेश होता शिल्पा जी से यहाँ,
विद्यार्थी आते शान और शौकत जी से यहाँ,
बालिका संभल कृष्णा जी से,
तो बालक बल मनवीर जी से,
ये मेरा विद्यालय है।।2।।

आशा हेमलता जी से तो,
तो कल्याण जी के सब लाल है,
आशीर्वाद शम्भू जी देते तो,
मुकेश जी ज्ञान बरसाते है,
कमलेश जी मधुरता लाते हैं,
तो बृज मोहन जी  सबको भाते हैं,
ये मेरा विद्यालय है।।2।।

राम कैलाश जी सबको अपनाते तो,
बृजेश जी सबके गुण अच्छे से सुनाते हैं,
पवन जी का अपना शीतल व्यवहार रहता,
तो हीना जी का रंग रहता सब पर यहाँ,
दुर्गा जी के चर्चे होते सरे आम,
और जिसने ली शिक्षा  नानुराम जी से,
तो गुजरता परमानन्द जी सा जीवन,
और ऱाजकुमार जी से बनते बच्चे यहाँ,
ये मेरा विद्यालय है।।2।।

लक्ष्मी जी कृपा करती है.
श्वेता जी सा महोल रहता है,
स्वामी जी का आशीष मिला,
जो चमकाया इसे अंजु, मंजु और सीमा जी ने,
हर किरण प्रभाव करती है,
भोला मन रखते सब यहाँ,
दिन, महिने, बन साल बना,
ये मेरा विद्यालय बना,
ये है मेरा विद्यालय है।।

-कवितारानी।

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