मुझे रोकेगा कौन / mujhe rokega kon



मुझे रोकेगा कौन


मैं मिट्टी का बना, कौन मिटाने वाला मुझे।

रुप, रंग का सौदागर, कौन हटाने वाला मुझे।।

रंग बदलुंगा, रुप बदलुंगा, स्थान, काल भी बदलुंगा मैं।

बहता रहुँ, उङता रहुँ, कौन रोकेगा मुझे।।

मैं धरा रंग हुँ, धुल संग हुँ, मटमेले बहते दरिया में हुँ।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

नव वर्ष- उमंग मिले / Nav varsh- umang mile

झुठी यारियाँ | Jhuthi yariyan

तुम याद आते हो। (tum yad ate ho )