फिर से हॅस / Phir se has



फिर से हॅस


ले मैं फिर आ गया,

कहना ना कि मैं फिर छा गया।

बातें तो अपनी जग जाने है,

कहाँ मैं मैं अटका हुँ।

तु सुना ना, ना सुना अपनी बातें।

क्योंकि टाइम है ये फोर मेरी कथनी।

ले कथनी करनी की बातें होने लगी।

इसमें तो तु ही है बङी सनी।

अब तु हैण्डपंप पे जोर ना करना।

चल काम बस किताबों को मरना।

चल कुछ काम की बात करें।

आ चल फिर रिट की रट करें।

वैसे तेरा हॅसना अब मुमकिन है।

सरकार ने 30 हजार की निकाली भर्ती है।

बात बङी सहज है।

समझ आया की हॅसी छुट पङी।

हॅसना अपना काम कर ले।

कुछ ना ते अब पङ ले।

ले मैं भी बात मानुं।

पङ ले अब तो मेरे नाल तु।

हॅसी ना, हॅसी, करले पङाई।

लङना ना, कर लेना बुराई।।


-कवितारानी।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

नव वर्ष- उमंग मिले / Nav varsh- umang mile

झुठी यारियाँ | Jhuthi yariyan

तुम याद आते हो। (tum yad ate ho )