बीते पल / beete pal
बीते पल
जो बीते है खुशी के पल हॅसी के पल,
यादों के पल अनजाने पल मस्ती के पल।
याद आ रहे हैं वो पल इस पल,
छोङ गये यादें अनेक किस्से अनेक,
छोह गये तन्हाई फिर याद आई रुसवाई,
याद आया बीते पलों का हॅसना,
क्यों बीते ये मौज-मस्ती के पल,
कहीं मन लगता ना अब इतने हॅसी थे वो पल।
चैन गया नींद गयी बस याद रही,
घुम रहे चेहरे अनेक बातें अनेक,
क्यों टिस सी जग रही क्यों याद ही बस रही,
क्यों नहीं रुकते आँसु जब ना होते ये पल,
कभी-कभी मिली खुशी गजब आस बनी,
भुलना चाहा पर हर पल मेरे पास रही,
ये बीते पल तोङ रहे मेरा मन मेरा तन।
तोङ रहे मंजिल मेरी डगर.
छोङ रहे अकेला फिर यादों में हर दम,
हर दम बस यादें हैं क्यों नहीं कोई हम दम।
ये जो है बीते पल याद रहेंगे जीवन भर,
याद रहेगा जीवन डगर ये खास पल,
ये बीते पल आये तो जी लुं इन्हें जीवन भर,
भीगे-भीगे फुर्सत में यादों के पल।।
-कवितारानी।
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