ये भारत देश क्या चाहता है / Ye Bharat desh kya chahta hai
ये भारत देश क्या चाहता है।
युवा दिवस है ये 12 जनवरी का,
भारत जन इसे मनाता है।
युवाओं का जोश बढ़ाने वाला,
युवा दिवस मुझे बहोत भाता है।
जन प्रचलित जर में युवा क्या-क्या ना गाता है।
पर भारत जन (लोगो) जानों ये भारत क्या चाहता है।
ये भारत क्या चाहता है।
देख हवा आज की क्या-क्या ना मन में उपजा है।
बिन बारिस बह रहा, मन मेरा समझ ना पाता है।
ना मिट्टी का रंग बदल पाये, आसमां वे साया है।
फिर आज के युवा को, क्यों हरा, पीला भाया है।
खङा तिरंगा सिर उठाके, ना मुझमें, तुझमें भेद करें।
फिर क्यों गाय, बकरी को जग में हम भेंट करें।
मोल करे देशभक्ति का किसको ये आता है।
है भारत जन के युवा जानों ये भारत देश क्या चाहता है।
ये भारत क्या चाहता है।
ना तेरा, ना मेरा, ये देश है सबका जान लो।
इस माटी की खुशबु में देशभक्ति को पहचान लो।
माता है यो खिलाती है अन्न, फल हम सबको।
पीते है निर्मल नीर नहीं भेद करती किसी को।
फिर क्यों वन्दे गान करें, जयकार करे हम इसको।
ऐ भारत जन जान लो हम जयकार करें इसको।
यही इसको भाता है यही इसको भाता है।
ऐ भारत ये समझ जाओ ये भारत यही चाहता है।।
-कवितारानी।
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