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तुफान आया / Tufan aaya

तुफान आया मंद-मंद रोशनी आ रही थी नजर, ढुबते सुरज में कहीं नजर आ रही किरण। बस थोङे दिन, बस थोङा और कर कट रहा था समय, वक्त का पहिया ना था रोकने को मजबुर। सब वही पुराने दुख सुख से चल रही थी जिन्दगी, पर अचानक एक तुफान आया साथ अपने दर्द लाया। कभी जिसे मैंने निकाला था मुसीबत से। जिसे में रोज हल्की हवा सा था पाला। जिसकी हमेशा झेली थी रुसवाई और भङास। आज मुझ पर वो तुफान फिर आया। मुझ पर उसने कहर बरपाया छोङने अपनी। जमीन उसने मुझे बहुत उकसाया। पर मैंने साथ था पकङा सब्र का। जमाये पैर खङा रहा ना हिला, ना मुङा मैं खङा रहा। कभी भी पैर पर फिर काबु मैं में रहा। चाहूँ ऐसे तुफानी इलाके को छोङना पर माँ तुने। और तेरी यादों ने मुझे इससे जोङे रखा।। -कवितारानी।