अभी भी / Abhi bhi

 अभी भी


काॅलेज के दिन गजब सताते है।

अभी भी मुझे बैचेन कर जाते हैं।

अभी भी याद है वो इंतजार भरी सुबह।

अभी भी वो दोपहर याद है, जब लंच साथ होता था।

याद है कि कैसे हम मस्ती करते थे।

कैसे सब की प्रेम लीला को मोज का मार्ग बनाते थे।

कैसे खुद की केमिस्ट्री की हिस्ट्री मुझे।

याद है उन नैनों का जादू, जादू उनकी अदाओं का।

अभी भी रहती है कशिश की क्यों मिली ना वो मुझे ।

क्यों कुछ बयां में कर ना पाया वो।

अभी भी मुझे दोस्तों का छेङना चिढाना याद है।

याद है मुझे उसका हर बहाना और दोस्तों का इशारा।

दोस्तों का मदद मांगना मुझसे और बङी सी बहस।

फिर सबका साथ रहना और मोज मस्ती करना।
अभी भी बस का सफर याद करता हूँ, पर भीङ भाङ से डरता हूँ।

अभी भी सबको याद करता हूँ।

हाँ अभी भी में वो पल जीता हूँ।।


-कवितारानी।

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