तु जाने ना / Tu jane na

 तु जाने ना


तु जाने ना... तु जाने ना...

के गम कितने सहे हैं मैंने... सहे हैं गम मैंने.

तु जाने ना... जाने ना.

कि कितना तङपा हूँ मैं.

कि फिर.. फिर तुझे याद किया.

और फिर से भुला दिया।

तु जाने ना... जाने ना. जाने ना तु।

कि मैं हूँ... अभी वहाँ.. जहाँ है ख्वाबों का आसरा।

तु जाने ना... बतला भी दे, मुझे...

कि है कहाँ तेरा आसरा... तेरा आसरा.

मैं.. डुँ डुँ तुझे, हर जगह हर पता.

तु जाने जाँ... जाने ना.

कितने पलको आँसुओं सहा मैंने.

आ पास आ...

मैं सुना दुँ तुम्हें.

दर्द जो सहे मैंने...

कितना... हो कितना अकेला हूँ मैं बिन तेरे.

बिन तेरे.. तु जाने जाँ... जाने ना.

सपनों में अक्सर डुँ-डुँ तुझे.

यादों के घर में रखुँ... तुझे.. जाने जाँ.

तु बतला भी दे कैसे पास रखुँ मैं तुझे.

तु जान भी ले... के मैं हुँ अकेला तन्हां बिन तेरे...

ओ. जाने जाँ..

तु जाने जाँ... जाने ना..

मिलेंगे जब होगा नया ये जहाँ होगा नया.

ये सारा आसमाँ,

होगी नयी दुनिया अपनी होगी नयी हर.

सुबह आ.. ओ जाने जां.

तब दिल कहे जब मिले गले तो मिलेगा समां,

ओ जाने जाँ।।


-कवितारानी।

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