संदेश

आपकी याद आती है लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आपकी याद आती है / Aapki yaad aati hai

आपकी याद आती है गये कहाँ आप काश पता होता। बाकि उम्र में जाने का अहसास तो होता। कुछ याद रख सकुँ उतना तो साथ होता। मम्मी हो आप पता था पर उसका अर्थ काश तब पता होता। लब्ज वो दो जो कहे याद रख सका। ना कहा मम्मी किसी ओर को जो मेरा जवाब रहा। संभाला था होंश जब से आपकी चीजे संभाली है। अनमोल रत्न से किमती उनको संजोयी रखी है। दो अश्रु जो दिए लिए मैंने आते रहते हैं। क्या हुई थी खता के चेहरा धुँधला रहा। गये हो आप जब से गम के साये है। बिन बादल बरख से नयन बरसते आये है। क्या हुई खता जो इतने दर्द मिले। क्या हुई थी वजह की अब भी ये थमते नहीं। कल था निकल गया आज है चल रहा पर क्या आगे भी होगा यही। पाप है साथ पिछले जन्म का या वास्तु दोष साथ। कर्म ही है दर्द या दर्द ही कर्म की वजह। कहाँ, से क्या शुरु करुँ और कहाँ करुँ खत्म, अब तुम्ही बताओ। अब तुम ही बताओ, माँ तुम ही बताओ।।   -कवितारानी।