चलो मौज कर ले / chalo aaj mauj kar le

 चलो मौज कर ले


वो पुराने दिन फिर याद कर लुँ।

पकङ खुशियों का नाता गमों से रिश्ता तोङ लुँ।

चलो आज खुद से ये सवाल कर लुँ।

नाता रहे ये जीवन भर या सपने ही दुनियाँ कर लुँ।

जीवन अनमोल को आज खुशियों का मोल कर लुँ।

चलो आज खुशियों को नया कर लो पुराने खुशी वाले लम्हें नये कर ले।

चले फिर से उसी आसमां के निचे जहाँ सिर्फ अपनी दुनिया हो।

करे वही जो दिल ने सोंचा था कभी, जो किसी ने सोंचा ना कभी।

चलो आज गमों पर ताला लगा दें, चलो कुछ नये लम्हें गढ़ ले।

मौज वही होगी, मस्ती वहीं वही होगा मजा चलो इन्हें अपना करलें।

आज नहीं किया तो कल ना ये होगा फिर ये सब ना होगा।

ना होगी फिर से बचकानी हरकतें ना होगा इतना गहरा प्यार।

ना होगी इतनी आजादी ना मिलेगा समय इतना।

चलो आज सारी कमी पुरी करलें, जो मौज रही बाकी पुरा उसे करलें।

आज ना कोई करें ना जवाब बस मौज कर लें।

आज अपना ही आनन्द हो और सब बेफिक्र हो।

आज सब आनन्दित हो आज सब मौज में हो।

चलो आज कुछ पुराने सा कर ले, चलो आज उसे नया कर ले।

चलो आज फिर वही सवाल कर ले।

चलो आज मौज कर ले।।


-कवितारानी।

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