मेरे बिना / mere bina
मेरे बिना
सपने होंगे, सहजादे होंगे।
अपने होंगे, दिलवाले होंगे।
घर होगा, घरवाले होंगे।
खुशियाँ भी आयेंगी आँगन को।
लोग पुछेंगे हाल को।
सब जीवन जैसा होगा।
बस मेरे बिना होगा।।
तू खैलेगी, भी लङेगी भी।
हॅसेगी भी, रुठेगी भी।
मनायेगी भी, पुछेगी भी।
बतायेगी भी।
जीवन का हर रंग होगा तेरे साथ।
बस तेरे साथ।।
शादियों में, डिनर में।
पार्टियों में, श्रृंगार होगा।
अदायें होगी, रंग होगा।
चेहरा खिलेगा भी।
मस्ती होगी भी।
सब होंगे तेरे आस-पास।
बस मेरे बिना।।
नजरें होगी, नजारे होंगे।
बातें होगी, बहाने होंगे।
सब सुहाना होगा।
सब दीवाना होगा।
अपनी ही लगने वाली दुनिया होगी।
बस मेरे बिना।।
लौट आने को जी भी करे।
मचले चाहे आहे भरे।
आँसुओं की धार रुके ना।
दिल किसी की सुने ना।
तो भी रहना होगी।
सब कुछ सहना होगा।
मेरे बिना।।
लोग समझाने आयेंगे।
तर्क-वितर्क कर तोलते जायेंगे।
समझ आ जायेगी कई बार।
समझ नहीं आयेगी कई बार।
तब भी समझना होगा।
मेरे बिना।।
वो बारिस भी होगी।
वो नहाना भी होगा।
भीगना-भीगाना, चिल्लाना भी होगा।
थोङी सी याद आयेगी भी।
आँखें भीग जायेगी भी।
पर हॅसी मैं उसे भुलाना होगा।
मेरे बिना।।
अब साथ कोई, कंधा कोई।
चेहरा कोई, आस कोई।
भुख मिटेगी भी, इच्छा रहेगी भी।
प्यास बुझेगी भी, प्यास रहेगी भी।
होगा सब शानदार।
बस मेरे बिना।।
-कवितारानी।
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