माॅडर्न शिष्य/ modern students
माॅडर्न शिष्य
ध्यान हीन, ज्ञान हीन, दिशा हीन, वाचाल, कुचाल भरे।
अमर्यादित, स्व बाधित, दंभित मति लिए, पापी है।
अवज्ञा करते, अवहलना करते, स्वार्थ की बात करते हैं।
हर बात पर कुतर्क, कहते ये हम माॅडर्न हैं।।
शिष्य कहूँ, आधुनिकता वाले या कहूँ अहमी पीढ़ी है।
ज्ञान पीपासा दिखती नहीं, ये अज्ञानी अभिमानी है।
मैं गौरव चाहूँ बांटना, सिखाना चाहूँ ब्रम्हाण्ड इन्हें।
पर माॅडर्न शिष्य को पाकर लगता नहीं इन्हें मेरी कमी है।।
भाषा हीन, आशा हीन, निशाचर प्रेमी, मोबाइल के आदी है।
आभा हीन, प्रसादन लीन, कृत्रिमता लिए, वास्तविकता के वैरागी है।
दिखावा करते, प्रतिस्पदा में मरते, छल के पारखी है।
अस्थिर चरित्र, मौलिकता खोये कहते हम माॅडर्न है।।
क्षमा नहीं, क्रोध में ही, आवेश में विचरते हैं।
अपने आप को विद्वान बखानते. ये ज्ञान हीन मरते हैं।
समाज को भ्रमित कर, माता पिता का वैभव हरते हैं।
इन माॅडर्न शिष्यों को देख, लगता है हम पिछङ रहे हैं।।
-कवितारानी।
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