काश सपने सच होते / kash sapns sach hote

 काश सपने सच होते


अभी कल की ही बात है, कल की ही बात है ये।

मुझे याद है जैसे हकीकत में मिली हुई सौगात है ये।

अभी कल की ही बात है, कल ही की तो बात है ये।

मैं कोदी में सर रख तेरे सोया था।

रोका बहुत खुद को पर मैं बहुत रोया था।

आलिंगन कर तेरी बाहों में, सुकून, चैन से सोया था।

अभी कल ही की बात है, कल ही की बात है ये।

क्या ये सपना था, सपना था तो कितना प्यारा था।

काश ये सपने सच होते, काश ये सच ही होते सारे।।


लोग दिखते सब प्यारे, काश सच में होते न्यारे।

हर किसी की खुशियाँ अहम् होती, दुखों की ना कोई बात होती।

सब अपनी धुन के धुनी होते, सपने जैसे गुणी होते।

काश सपने सच होते, काश सपने सच होते सारे।।


अभी कल की ही बात है जैसे, कल का ही सामना था मेरा।

खुद ने लिखा, खुद को ही अहसास था मेरा।

अनुभूति थी जैसे श्रुति थी, सच ही थी।

स्वर्ग सी आभा लिये मन की कुरुति थी।

अभी कल ही की बात है, कल की ही तो बात है ये।

काश ये सपना ना होता, काश ये सपना ना होता।

सब जो देखा अच्छा सा, सच्चा सा सब सच होता।

काश सपना सच होता, काश सपने सच होते।।


-कवितारानी।

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