vidai / विदाई
विदाई ये वक्त विदा, ये जज्बात विदा। जो जिये साथ थे बच्चे हो रहे विदा, जिनके साथ था किया काम वो गुरुजी हो रहे विदा। ये विदाई की घङियाँ है, ये भावनाओं का ज्वार है। ये दिन दुख का है, ये पल दुख का है। मेरे मुख मंडल पर निशान है, मेरी आँखों में आँसु है। मेरे मन में पीङा, और स्मृति में बस यादें हैं। मैं भाव व्यक्त करुँ कैसे, मैं अपने दिल को हरुँ कैसे। मैं समझाऊँ मन को ये कैसे, मैं इस पल को चाहूँ कैसे। कैसे में ये आलाप करुँ, जब मन से बस विलाप करुँ। मैं कैसे आप सब को विदा करुँ, मैं कैसे आप को विदा करुँ।। दिल से दर्द बयां करता हूँ, मैं रोती आँखों से ही कहता हूँ। आप सदा रहे दिल में मेरे, आप सदा रहेंगे दिल में मेरे। में मन से आप को विदा करुँ, आपके शुभ मंगल के गान करुँ। मैं मन से आप को विदा करुँ, मैं मन से आपके गुणगान करुँ।। हॅसमुख आप सब, गुणवान आप सब, रहे खुशहाल सदा। महानता के आचरण लिए, मन में गुरुओं का सम्मान लिए, रहे आप आबाद सदा। ज्ञान का सागर समेट, दुखो-कष्टों को मेट, आप करें कुल का नाम सदा। मैं करुँ विदा दिन ये, ना आप करना मन से कभी विदा।। आदरणीय का भाव करुँ मैं, गुरुवर से रहे आप। ह...